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  • पंजाब सरकार बातों से नहीं मानेगी…; भाखड़ा के पानी पर सियासी घमासान के बीच अभय चौटाला ने भगवंत मान को घेरा

    हरियाणा के विपक्षी नेताओं ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना की, क्योंकि मान ने अधिक पानी छोड़ने से इनकार कर दिया. इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने पंजाब से हरियाणा होकर गुजरने वाले सभी मार्गों को बंद करने की धमकी दी.

    चंडीगढ़:

    पंजाब सरकार द्वारा भाखड़ा नहर से हरियाणा को मिलने वाले पानी में 4,000 क्यूसिक की कटौती के फैसले पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हरियाणा और पंजाब के लोगों को आपस में लड़ाने का आरोप लगाया और हरियाणा की बीजेपी सरकार पर इस मामले में चुप्पी साधने का इल्ज़ाम जड़ा.

    भगवंत मान “गीदड़ भभकी” दे रहे हैं…

    चौटाला ने कहा कि भगवंत मान “गीदड़ भभकी” दे रहे हैं और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का झूठा दावा कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के पानी को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हरियाणा को उसका हक नहीं मिला. इनेलो ने इस मुद्दे पर लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन बीजेपी ने न केवल इस मामले में साथ नहीं दिया, बल्कि इनेलो को कमजोर करने और पार्टी तोड़ने की साजिश रची.

    हरियाणा के साथ बड़ा विश्वासघात हो रहा

    उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि SYL की लड़ाई के दौरान और अब भाखड़ा के पानी की कटौती पर भी कांग्रेस चुप है. चौटाला ने कहा, “हरियाणा के साथ बड़ा विश्वासघात हो रहा है. विपक्ष नाम की कोई चीज़ नहीं बची. सिरसा, फतेहाबाद और हिसार जैसे क्षेत्रों में, जहां भाखड़ा के पानी से सिंचाई होती है, किसान पानी की किल्लत से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं.” चौटाला ने हरियाणा सरकार को चेतावनी दी कि अगर इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो इनेलो बड़ा फैसला लेने को मजबूर होगी.

    उन्होंने भगवंत मान पर तंज कसते हुए कहा कि वह बिना सोचे-समझे बयान दे रहे हैं और दोनों राज्यों के लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. चौटाला ने याद दिलाया कि हरियाणा के किसानों ने किसान आंदोलन में पंजाब के किसानों का साथ दिया था. अब पंजाब के किसानों की ज़िम्मेदारी है कि वे हरियाणा को उसका हक का पानी दिलवाने के लिए अपनी सरकार पर दबाव बनाए. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पानी का मुद्दा हल नहीं हुआ, तो हरियाणा से पंजाब होकर दिल्ली और उत्तर भारत जाने वाले रास्तों को बंद करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.

    सड़कों पर उतरकर SYL की लड़ाई फिर से लड़ेंगे

    उन्होंने कहा, “हरियाणा चौधरी देवीलाल का बनाया हुआ प्रदेश है. इसके साथ विश्वासघात बर्दाश्त नहीं करेंगे. हम सड़कों पर उतरकर SYL की लड़ाई फिर से लड़ेंगे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक हरियाणा को उसका पानी दिलवाएंगे.” चौटाला ने केंद्र और हरियाणा सरकार से इस मामले में सख्त कदम उठाने की माँग की और प्रदेशवासियों से एकजुट होकर अपने हक के लिए लड़ने का आह्वान किया.

  • दोस्ती, प्यार और फिर लिव इन में रहना, बाद में पीछा छुड़ाने के लिए पार्टनर को उतारा मौत के घाट

    गुरुग्राम से टैक्सी ड्राइवर द्वारा लिव इन पार्टनर की निर्मम हत्या किए जाने का मामला सामने आया है. महिला की गुमशुदगी की शिकायत जब सेक्टर-5 थाना पुलिस को मिली तो पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की. तलाश के दौरान पुलिस को महिला की निर्मम तरीके से हत्या किए जाने के बारे में पता लगा. जिसके बाद पुलिस ने उत्तराखंड पहुंचकर महिला का शव बरामद कर लिया. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है.

    चुपके से कर ली थी शादी, प्रेमिका को बाद में पता चला 

    प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि उसने नवंबर 2024 में उत्तराखंड में शादी कर ली थी. इस शादी का उसकी प्रेमिका को पता लग गया था. जिसके बाद प्रेमिका ने विवाद शुरू कर दिया. इस विवाद को समाप्त करने के लिए उसने प्रेमिका को मौत के घाट उतार दिया और कर्नाटक में जाकर छिप गया. 

    उधम सिंह नगर का रहने वाला है आरोपी

    गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप ने बताया कि एक महिला ने सेक्टर-5 थाना पुलिस को अपनी बहन के गुमशुदा होने की शिकायत दी थी. पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी. मामले की जांच के दौरान पुलिस को महिला के लिव इन पार्टनर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के रहने वाले मुस्ताक अहमद के बारे में पता लगा.

    महिला की हत्या कर नहर के नीचे फेंका शव

    आरोपी को काबू कर जब पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपी ने महिला की हत्या करने की बात कबूल की. इस पर पुलिस उसे लेकर निशानदेही कराने उत्तराखंड ले गई और आरोपी ने नहर के पुल के नीचे से महिला का शव बरामद करा दिया.

    बीमार मां को लाने ले जाने में हुई थी दोस्ती

    आरोपी से पूछताछ में सामने आया कि वह उत्तराखंड में टैक्सी चलाता है. साल 2022 में उसकी मुलाकात उत्तराखंड में मृतका से हुई थी, जिसकी मां बीमार रहती थी और वह इलाज के लिए अपनी मां को उसकी कैब में ले जाती थी. आरोपी के साथ दो-तीन बार जाने के बाद दोनों में बातचीत होने लगी और दोनों गुड़गांव आ गए.

    गुरुग्राम में दोनों दो साल लिवइन में रहे

    यहां भी मुस्ताक अहमद टैक्सी चलाने लगा और मृतका घरेलू काम करती थी. दो साल तक यह दोनों लिव इन में रहे. साल 2024 में मुस्ताक ने किसी दूसरी महिला से शादी कर ली. जिसके बारे में मृतका को पता लग गया और साल 2024 में दोनों में झगड़ा हो गया जिसके बाद मुस्ताक अहमद वापस उत्तराखंड चला गया था.

    पंचायत तक पहुंची थी बात, नहीं हुआ सुलह

    यहां पहुंचने पर मृतका का झगड़ा भी हुआ था. इसके बाद दोनों को उनके परिजनों ने बेदखल भी कर दिया था. जब मृतका मुस्ताक से बात करने के लिए नवंबर 2024 में उत्तराखंड गई तो मुस्ताक उसे अपनी बहन के घर ले गया. उत्तराखंड में मुस्ताक के गांव में पंचायत भी हुई और मामले को सुलझाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया.

    उत्तराखंड घुमाने ले गया, गला काटकर की हत्या

    इसके बाद आरोपी मुस्ताक मृतका को घुमाने के बहाने ले गया और उसकी गर्दन काटकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी. पुलिस की माने तो आरोपी ने शव को चादर में लपेटकर नहर के पुल के नीचे फेंक दिया और  फिलहाल पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है. आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है. आरोपी से पूछताछ की जाएगी. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी.

  • हाईकोर्ट में याचिका, BBMB की मीटिंग, सर्वदलीय बैठक… नाजुक मोड़ में पहुंचा पंजाब-हरियाणा का पानी विवाद

    Punjab-Haryana Water Dispute: पंजाब और हरियाणा के बीच चल पानी को लेकर चल रहा विवाद नाजुक मोड़ में पहुंच गया है. दोनों ओर इस मामले में बयानबाजी, बैठके और सियासत तो खूब हो रही है लेकिन अभी भी विवाद सुलझने के कोई आसार नहीं जा आ रहे

     भाखड़ा बांध के पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा की सरकारें आमने-सामने है. शनिवार को इस मामले में दोनों राज्यों में कई गतिविधियां हुई. हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सर्वदलीय बैठक की. जिसमें पानी रोके जाने को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने पंजाब सरकार ने बिना शर्त पानी छोड़ने की मांग की. इससे पहले शुक्रवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस मामले में सर्वदलीय बैठक की थी. इधर शनिवार को पंजाब ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की बैठक से दूर रहने की घोषणा की. इधर भाखंड़ा नहर में पानी छोड़े जाने की मांग पर हाईकोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई है. 

    पंजाब सरकार ने BBMB की बैठक को गैरकानूनी बताया

    पंजाब-हरियाणा में जल बंटवारे पर बीबीएमबी बैठक को पंजाब सरकार ने असंवैधानिक और गैरकानूनी बताया. पंजाब सरकार ने कहा कि बीबीएमबी की मीटिंग तय करने से पहले रेगुलेशन 1976 की धारा 7 के तहत सात दिन का नोटिस जरूरी होता है. 

    पंजाब ने मीटिंग स्थगित करने की मांग की

    पंजाब सरकार ने कहा कि BBMB  जबतक उचित प्रक्रिया नहीं अपनाएगा हम मीटिंग का हिस्सा नहीं बनेंगे. पंजाब सरकार ने मीटिंग से पहले बीबीएमबी को पत्र भेजकर यह मांग की है कि इस मीटिंग को स्थगित किया जाए. यह बैठक गैरकानूनी तरीके से बुलाईं गई है. यह बैठक शनिवार शाम 5 बजे BBMB मुख्यालय में बुलाई गई थी.

    पानी छोड़े जाने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल

    बीबीएमबी के पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा में छिड़ा विवाद हाईकोर्ट भी पहुंचा.  भाखड़ा नहर में जल आपूर्ति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. हाालांकि हाइकोर्ट की रजिस्ट्री में दायर की गई याचिका अभी स्वीकार नहीं हुई है.

    भाखड़ा हेडक्वार्टस पर तैनात पुलिस बल हटाया जाए 

    हरियाणा में  पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध न होने के चलते एक याचिका पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई है. जिसमें कहा गया है कि वह संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी करे कि भाखड़ा हेडक्वार्टस पर तैनात पुलिस बल को हटाया जाए ताकि भाखड़ा नहर में जल प्रवाह निर्बाध रूप से जारी रह सके.

    पानी रोके जाने से हरियाणा में गहराया जल संकट

    याचिका में यह भी कहा गया है कि पुलिस द्वारा नहरों पर जल प्रवाह रोकने हेतु कथित अवैध बल प्रयोग किया जा रहा है. जिससे प्रदेश के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि एक स्पष्ट आदेश जारी किया जाए जिससे न केवल जल प्रवाह बाधित करने वाले किसी भी गैरकानूनी उपाय पर रोक लगे, बल्कि भाखड़ा नहर में 8500 क्यूसेक पानी तत्काल छोड़ा जाए.

  • दिल्ली में क्यों उठा धूल का बवंडर? राजस्थान-हरियाणा में उठे रेत के डरावने तूफान का मंजर देखिए

    Delhi Dust Storm: दिल्ली-एनसीआर में बुधवार रात चली धूल भरी आंधी का असर गुरुवार सुबह तक रहा. जिसकी कई तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है. इन तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि दिल्ली-एनसीआर पर धूल की एक परत छा गई थी.

     दिल्ली-NCR में आज फिर भीषण गर्मी पड़ रही है. लेकिन बीती रात से लेकर आज सुबह तक दिल्ली-NCR की फिजाओं में कुछ ऐसा नजारा छाया था, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया. बीती रात 10 बजे के करीब जो लोग भी घर से बाहर रहे होंगे, उन्होंने यह नजारा जरूर देखा होगा. नजारा था धूल भरी आंधी का. आंधी भी ऐसी-वैसी नहीं, इस आंधी में हवा का तो पता नहीं चल रहा था, लेकिन सामने केवल धूल ही धूल नजर आ रहे थे. आलम यह हुआ कि सड़कों पर ट्रैफिक हल्की हो गई. लोग बेहद सावधानी से गाड़ी ड्राइव कर रहे थे. नजारा कुछ ऐसा था जैसे हम दिल्ली-एनसीआर में न होकर राजस्थान के रेगिस्थानी इलाकों में हो.  

    बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक रहा असर

    दिल्ली-एनसीआर में बुधवार रात चली धूल भरी आंधी का असर गुरुवार सुबह तक रहा. जिसकी कई तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है. इन तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि दिल्ली-एनसीआर पर धूल की एक परत छा गई थी. धूल भरी आंधी के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई. वायु की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है.

    मौसम विभाग ने बताया दिल्ली में क्यों उठा धूल का बवंडर

    अब दिल्ली-NCR में आई धूल भरी आंधी का कारण मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है. मौसम विभाग ने बताया कि धूल भरी आंधी का कारण 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवा थी. इस तेज तूफान के तुरंत हवा की स्पीड घटकर 3 से 7 किमी प्रति घंटे की हो गई. ऐसे में धूल के कणों को बिखरने में समय लगा. इसी दौरान ऐसा नजारा बना मानो कुदरत ने पूरे दिल्ली-एनसीआर को धूल भरी चादर ओढ़ा दी हो.  आंधी के बाद बुधवार रात 10 बजे से 11:30 बजे तक IGI एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 4,500 मीटर से घटकर 1,200 मीटर रह गई. गुरुवार सुबह सफदरजंग और पालम एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 1,200 और 1,500 मीटर के बीच में रहा.

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